Working of institutions class 9 full chapter (Animation) | Class 9 Civics Chapter 4 | CBSE | NCERT

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सारांश: कक्षा 9 नागरिक शास्त्र, अध्याय 4 - संस्थाओं का कामकाज

मुख्य अवधारणाएँ:

  • सरकारी आदेश (Government Order)
  • मंडल आयोग (Mandal Commission)
  • संसद (Parliament)
  • लोकसभा (Lok Sabha)
  • राज्यसभा (Rajya Sabha)
  • राष्ट्रपति (President)
  • प्रधानमंत्री (Prime Minister)
  • कार्यपालिका (Executive)
  • न्यायपालिका (Judiciary)
  • सार्वजनिक हित याचिका (Public Interest Litigation - PIL)

1. सरकारी आदेश और मंडल आयोग:

  • 13 अगस्त, 1990 को भारत सरकार ने एक आदेश जारी किया, जिसमें सरकारी नौकरियों में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) के लिए 27% आरक्षण का प्रावधान था।
  • यह आदेश मंडल आयोग की सिफारिशों पर आधारित था, जिसे 1979 में स्थापित किया गया था और जिसका नेतृत्व बी.पी. मंडल ने किया था।
  • आयोग का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करना और उनकी स्थिति में सुधार के लिए उपाय सुझाना था।
  • 1980 में, आयोग ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें सरकारी नौकरियों में SEBC के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की गई थी।
  • जनता दल ने 1989 के लोकसभा चुनावों में इस सिफारिश को लागू करने का वादा किया था।
  • 1990 में वी.पी. सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद, सरकार ने इस आदेश को लागू करने का निर्णय लिया।

2. आदेश का कार्यान्वयन और विवाद:

  • आदेश के कार्यान्वयन से देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए।
  • कुछ लोगों ने तर्क दिया कि आरक्षण योग्यता के खिलाफ है और इससे जातिवाद को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह मामला सुप्रीम कोर्ट में इंदिरा साहनी और अन्य बनाम भारत संघ के रूप में दायर किया गया था।
  • 1992 में, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को बरकरार रखा, लेकिन सरकार को कुछ संशोधन करने का निर्देश दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर (Creamy Layer) की अवधारणा को पेश किया, जिसके अनुसार आर्थिक रूप से संपन्न SEBC के सदस्यों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
  • 8 सितंबर, 1993 को सरकार ने एक संशोधित आदेश जारी किया, जिसमें क्रीमी लेयर को बाहर रखा गया था।

3. राजनीतिक संस्थाएँ:

  • लोकतंत्र में, सरकार को कई कार्य करने होते हैं, जैसे कि कानून बनाना, नीतियों को लागू करना और विवादों का समाधान करना।
  • इन कार्यों को करने के लिए, सरकार विभिन्न राजनीतिक संस्थाओं का उपयोग करती है, जैसे कि संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका।

4. संसद:

  • संसद निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक सभा है, जो कानून बनाती है और सरकार को नियंत्रित करती है।
  • भारत में, संसद में दो सदन होते हैं: लोकसभा और राज्यसभा।
  • लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि राज्यसभा के सदस्य राज्य विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं।
  • संसद कानून बना सकती है, मौजूदा कानूनों में संशोधन कर सकती है, और सरकार को नियंत्रित कर सकती है।
  • सरकार को धन खर्च करने के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता होती है।

5. कानून बनाने की प्रक्रिया:

  • एक विधेयक (Bill) संसद में पेश किया जाता है।
  • विधेयक पर दोनों सदनों में बहस होती है।
  • यदि दोनों सदन विधेयक को पारित कर देते हैं, तो इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है।
  • यदि राष्ट्रपति विधेयक पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो यह कानून बन जाता है।

6. लोकसभा और राज्यसभा:

  • लोकसभा अधिक शक्तिशाली सदन है क्योंकि इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं।
  • धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में पेश किए जा सकते हैं।
  • यदि दोनों सदनों में किसी विधेयक पर असहमति होती है, तो संयुक्त बैठक बुलाई जाती है, जिसमें लोकसभा के सदस्यों की संख्या अधिक होने के कारण लोकसभा का प्रभाव अधिक होता है।

7. कार्यपालिका:

  • कार्यपालिका सरकार की नीतियों को लागू करने के लिए जिम्मेदार होती है।
  • कार्यपालिका में राजनीतिक कार्यपालिका और स्थायी कार्यपालिका शामिल होती है।
  • राजनीतिक कार्यपालिका में प्रधानमंत्री और मंत्री शामिल होते हैं, जो निर्वाचित होते हैं और एक निश्चित अवधि के लिए पद पर रहते हैं।
  • स्थायी कार्यपालिका में सिविल सेवक शामिल होते हैं, जो योग्यता के आधार पर भर्ती होते हैं और लंबे समय तक पद पर रहते हैं।

8. प्रधानमंत्री:

  • प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया होता है।
  • प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, लेकिन राष्ट्रपति केवल उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त कर सकते हैं जिसे लोकसभा में बहुमत प्राप्त हो।
  • प्रधानमंत्री मंत्रियों का चयन करते हैं और उन्हें विभागों का आवंटन करते हैं।
  • प्रधानमंत्री कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं और सरकार की नीतियों का निर्धारण करते हैं।

9. राष्ट्रपति:

  • राष्ट्रपति राज्य का मुखिया होता है।
  • राष्ट्रपति के पास नाममात्र की शक्तियाँ होती हैं, लेकिन वे महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन करते हैं।
  • राष्ट्रपति संसद द्वारा पारित विधेयकों पर हस्ताक्षर करते हैं, न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं, और अंतर्राष्ट्रीय संधियों पर हस्ताक्षर करते हैं।
  • राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।

10. न्यायपालिका:

  • न्यायपालिका कानूनों की व्याख्या करने और विवादों का समाधान करने के लिए जिम्मेदार होती है।
  • भारत में, न्यायपालिका में सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय शामिल हैं।
  • सर्वोच्च न्यायालय देश का सर्वोच्च न्यायालय है।
  • न्यायपालिका स्वतंत्र है और सरकार के नियंत्रण से मुक्त है।
  • न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है और कानून के शासन को बनाए रखती है।
  • सार्वजनिक हित याचिका (PIL) के माध्यम से, कोई भी व्यक्ति जनता के हित से जुड़े मामलों को न्यायालय में उठा सकता है।

11. निष्कर्ष:

यह अध्याय भारत में राजनीतिक संस्थाओं के कामकाज की व्याख्या करता है। यह बताता है कि कैसे कानून बनाए जाते हैं, नीतियां लागू की जाती हैं, और विवादों का समाधान किया जाता है। यह अध्याय लोकतंत्र में राजनीतिक संस्थाओं के महत्व पर प्रकाश डालता है।

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