LIVE: French President Macron visits India
By Reuters
भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का विस्तृत विवरण
मुख्य अवधारणाएं:
- इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन (2026): भारत और फ्रांस के बीच नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त पहल।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम: भारत में तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप परिदृश्य।
- अटल इनोवेशन मिशन: भारत सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया कार्यक्रम।
- डीप टेक इनोवेशन: उच्च तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति पर आधारित नवाचार।
- ग्लोबल गुड: मानवता के लाभ के लिए नवाचार का उपयोग।
- यूनिकॉर्न: एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली स्टार्टअप कंपनियां।
1. भारत-फ्रांस संबंध और नवाचार पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और फ्रांस के बीच गहरे और भरोसे पर आधारित संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नवाचार एक महत्वपूर्ण बंधन है। इसी भावना के साथ, राष्ट्रपति मैक्रो और उन्होंने मिलकर वर्ष 2026 को ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह सिर्फ एक उत्सव नहीं है, बल्कि नवाचार और नेतृत्व के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
2. भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम और प्रगति
प्रधानमंत्री ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रम के माध्यम से, भारत पिछले एक दशक में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। 2014 में जहां केवल चार यूनिकॉर्न थे, वहीं आज भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं, जिनकी कुल वैल्यू 30 बिलियन डॉलर (लगभग 300 बिलियन यूरो) से अधिक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दुनिया की लगभग हर बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी किसी न किसी रूप में भारत के स्टार्टअप और नवाचार से जुड़ी हुई है।
3. नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकारी पहल
प्रधानमंत्री ने स्कूलों से लेकर उद्योगों तक नवाचार के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का वर्णन किया। उन्होंने ‘अटल टिंकरिंग लैब’ (ATL), मेंटरशिप, छात्रवृत्ति और स्टार्टअप कैपिटल जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख किया। भारत दुनिया के सबसे बड़े हैकाथॉन इकोसिस्टम में से एक है, जहां निजी क्षेत्र की अनुसंधान और नवाचार योजनाओं के माध्यम से सीधा समर्थन मिल रहा है। ‘स्टार्टअप इंडिया 2.0’ के माध्यम से डीप टेक इनोवेशन के लिए पूंजी जुटाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
4. अटल इनोवेशन मिशन की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने ‘अटल इनोवेशन मिशन’ (AIM) की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जो आने वाले 24 फरवरी को अपना एक दशक पूरा करेगा। AIM दुनिया के सबसे बड़े जमीनी स्तर के नवाचार मिशनों में से एक बन गया है, जिसमें 10,000 से अधिक टिंकरिंग लैब 1 करोड़ से अधिक छात्र इनोवेटर्स के साथ काम कर रही हैं। इस मिशन से 100 से अधिक इनक्यूबेटर्स और कई डीप टेक स्टार्टअप भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से AIM के साथ जुड़ने का विशेष आग्रह किया।
5. बजट में नवाचार पर ध्यान
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा के लिए नवाचार एक इंजन की तरह है। इसलिए, इस वर्ष के बजट में भी नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने पर बल दिया गया है। कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा देने के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब बनाई जाएंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक, सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रिसीजन टूल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे हर सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा।
6. महिला नेतृत्व और अनुसंधान
प्रधानमंत्री ने गर्व व्यक्त किया कि भारत महिला नेतृत्व वाले अनुसंधान और नवाचार का एक उज्ज्वल उदाहरण बन रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 50% स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला निदेशक है, और बड़ी संख्या में छात्राएं स्टेम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) में स्नातक की डिग्री प्राप्त कर रही हैं। कृषि, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष मिशन जैसे क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
7. भारत-फ्रांस साझेदारी का भविष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की गति और पैमाने के साथ फ्रांस की ताकत जुड़ने से दुनिया के लिए नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के सर्वश्रेष्ठ दिमाग एक साथ आ रहे हैं और एक-दूसरे के प्रतिभा का खुले दिल से स्वागत कर रहे हैं। फ्रांस ने 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों का स्वागत करने का लक्ष्य रखा है। 2026 में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के तहत भारत के बेहतरीन टेक स्टार्टअप्स को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जो स्वास्थ्य, जलवायु और सुरक्षा जैसे वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं।
8. वैश्विक आह्वान
प्रधानमंत्री ने फ्रांस और पूरे विश्व के नेताओं, सीईओ, निवेशकों और विश्वविद्यालयों को भारत के साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य बनाने के लिए आमंत्रित किया जहां प्रौद्योगिकी मानवता की सेवा करे और प्रगति समावेशी हो।
उद्धरण:
- "जब हम भारत और फ्रांस की बात करते हैं तो हमारा रिश्ता इनोवेशन के साथ-साथ ट्रस्ट का और फेयरर्ड वैल्यूस का है।" - प्रधानमंत्री मोदी
- "विकसित भारत की यात्रा को इनोवेशन का इंजन चाहिए।" - प्रधानमंत्री मोदी
तकनीकी शब्द:
- यूनिकॉर्न (Unicorn): एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली स्टार्टअप कंपनी।
- डीप टेक (Deep Tech): उच्च तकनीक और वैज्ञानिक प्रगति पर आधारित नवाचार।
- स्टेम (STEM): विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित।
- इनक्यूबेटर (Incubator): स्टार्टअप्स को शुरुआती चरण में समर्थन और मार्गदर्शन प्रदान करने वाला संगठन।
- हैकाथॉन (Hackathon): एक ऐसा कार्यक्रम जहां लोग मिलकर सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर प्रोजेक्ट पर काम करते हैं।
तार्किक संबंध:
भाषण में, प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के बीच संबंधों की नींव रखी, फिर भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और सरकारी पहलों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयासों का वर्णन किया। इसके बाद, उन्होंने अटल इनोवेशन मिशन की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। अंत में, उन्होंने वैश्विक समुदाय को भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित किया।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन भारत और फ्रांस के बीच नवाचार के महत्व और भविष्य में दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत सरकार नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए कई पहल शुरू की हैं। यह भाषण भारत को एक वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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