IndusInd Bank Exposed!!!

By FinnovationZ by Prasad

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इंडसन बैंक डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी: विस्तृत विश्लेषण

मुख्य अवधारणाएँ:

  • डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी
  • अकाउंटिंग एरर
  • हेजिंग कॉस्ट
  • मार्क टू मार्केट अकाउंटिंग (MTM)
  • हिज अकाउंटिंग मेथड
  • एवरग्रीनिंग ऑफ लोंस
  • माइक्रो फाइनेंस लोन
  • विस्सल ब्लोअर
  • कॉन्फ्रेंस कॉल
  • एक्सटर्नल ऑडिट

1. इंडसन बैंक के शेयर में गिरावट और मामला क्या है:

  • इंडसन बैंक के शेयर में 27% की गिरावट आई, जो अब तक की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है।
  • पिछले दो-तीन दिनों में शेयर 35% तक गिर चुका है, जिससे बैंक की वैल्यू 20,000 करोड़ रुपये से कम हो गई।
  • वर्तमान मार्केट कैप 51,000 करोड़ रुपये है, जो यस बैंक के मार्केट वैल्यू के करीब है।
  • 10 मार्च को बैंक ने एक नोटिस जारी किया जिसमें आरबीआई मास्टर डायरेक्शन के अनुसार इंटरनल ऑडिट में अकाउंटिंग एरर की बात कही गई।
  • इन अकाउंटिंग एरर के कारण इंडसन बैंक को 2100 करोड़ रुपये का नुकसान होने वाला है।
  • एक्सटर्नल ऑडिट के बाद रियल फिगर इससे भी ज्यादा हो सकती है।
  • यह नुकसान बैंक के नेटवर्थ का 2.35% है।

2. अकाउंटिंग एरर और हेजिंग:

  • एरर हेजिंग कॉस्ट से संबंधित है।
  • बैंक फॉरेन एक्सचेंज में डील करते हैं और रिस्क को कम करने के लिए डेरिवेटिव्स (फ्यूचर्स, ऑप्शंस) का उपयोग करते हैं, जिसे हेजिंग कहते हैं।
  • इंडसन बैंक का ट्रेजरी डिपार्टमेंट दो टीमों में विभाजित है: इंटरनल और एक्सटर्नल।
  • एक्सटर्नल ट्रेडिंग डेस्क मार्क टू मार्केट अकाउंटिंग मेथड (MTM) का उपयोग करता है, जबकि इंटरनल डेस्क हिज अकाउंटिंग मेथड का उपयोग करता है।
  • समस्या दोनों मेथोड के अलग-अलग होने के कारण हुई।
  • MTM ने सही पिक्चर दिखाई, लेकिन हिज अकाउंटिंग मेथड में पिक्चर क्लियर नहीं थी।
  • कई बार करेंसी ट्रेड्स प्रीमेचूरली एग्जीक्यूट किए गए, जिससे इंटरनल ट्रेडिंग डेस्क ने गलत पिक्चर क्रिएट की कि अच्छा खासा गेन हुआ है, जो कि एक्चुअल में नहीं था।
  • कंपनी के सीईओ के अनुसार, यह पिछले सात से आठ सालों से चल रहा है।

3. आरबीआई का सर्कुलर और कंपनी की प्रतिक्रिया:

  • सितंबर 2023 में आरबीआई ने एक सर्कुलर जारी किया, जिसके बाद इंडसन बैंक ने अपने इंटरनल ट्रेड्स को स्टॉप कर दिया।
  • कंपनी के इंटरनल ऑडिट के अनुसार, अब तक कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट 2100 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 1500 करोड़ रुपये ज्यादा दिखाया गया।
  • दिसंबर क्वार्टर में नेट प्रॉफिट 1400 करोड़ रुपये था, इसलिए अगले क्वार्टर में लॉस दिखाना पड़ेगा।
  • यह फाइनल नंबर नहीं है, एक्सटर्नल ऑडिटर्स की रिपोर्ट आना बाकी है।

4. निवेशकों का विश्वास और प्रबंधन पर सवाल:

  • शेयर होल्डर्स का मैनेजमेंट से विश्वास उठ गया है।
  • बैंक को यह इशू अक्टूबर 2024 में पता चला था, लेकिन 5 महीने बाद पब्लिक किया गया, जिससे शेयर होल्डर्स को डाउट होने लगे।
  • सीईओ सुमंत कत पालिया ने आरबीआई से 3 साल का एक्सटेंशन मांगा, लेकिन उन्हें सिर्फ 1 साल का एक्सटेंशन मिला।
  • सीएफओ गोविंद जैन ने क्वार्टर थ्री के रिजल्ट से पहले ही रिजाइन कर दिया।

5. पिछली समस्याएं और विस्सल ब्लोअर:

  • कुछ साल पहले एक विस्सल ब्लोअर ने इंडसन बैंक के बारे में बताया था, जिससे शेयर प्राइस गिर गई थी।
  • इस पूरे केस का नाम था "एवरग्रीनिंग ऑफ लोंस"।
  • विस्सल ब्लोअर ने बताया कि इंडसन बैंक की सब्सिडियरी, भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन, उन कस्टमर्स को लोन दे रही है जो पहले लोन डिफॉल्ट कर चुके हैं।
  • कंपनी अपनी लोन बुक बढ़ाना चाहती थी, इसलिए बिना डॉक्यूमेंट चेक किए लोन बांट रही थी।

6. सीईओ और एफआईआई द्वारा शेयर बेचना:

  • सीईओ सुमन कत पालिया ने लगभग अपनी सारी शेयर होल्डिंग 137 रुपये प्रति शेयर की प्राइस पर बेच दी (118 करोड़ रुपये के शेयर्स)।
  • डिप्यू सीईओ अरुण खुराना ने भी अपने लगभग सारे शेयर्स 150 रुपये प्रति शेयर की प्राइस पर बेच दिए (70 करोड़ रुपये के शेयर्स)।
  • एफआईआई ने अपनी शेयर होल्डिंग 40% से 24% तक कम की।
  • डीआईआई (म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस कंपनी) को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

7. निष्कर्ष:

इंडसन बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी एक गंभीर मामला है, जिससे बैंक की छवि और निवेशकों के विश्वास को नुकसान पहुंचा है। एक्सटर्नल ऑडिट और नए सीईओ की नियुक्ति से स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन दोबारा ट्रस्ट पाना आसान नहीं होगा। माइक्रो फाइनेंस लोन में प्रेशर और पिछली समस्याओं को भी ध्यान में रखना होगा।

8. जेब्रा लन:

  • जेब्रा लन एक स्टार्टअप है जो विजुअल बेस्ड इंटरेस्टिंग बुक्स बनाता है।
  • "स्टॉक इन्वेस्टिंग मास्टरमाइंड" किताब फंडामेंटली स्ट्रांग स्टॉक्स को खोजने में मदद करती है।
  • इसमें फाइनेंशियल स्टेटमेंट, इंडस्ट्री एनालिसिस, एनुअल रिपोर्ट एनालिसिस और वैल्युएशन ऑफ स्टॉक्स जैसे टॉपिक शामिल हैं।
  • 10 पॉइंट इन्वेस्टिंग चेकलिस्ट और वैल्युएशन ऑफ स्टॉक्स इस बुक के दो फेवरेट टॉपिक्स हैं।
  • जेब्रा लन शॉक टैंक पर भी फीचर हुए थे।

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