AYURVED ITIHAS BAMS 1st YEAR || Complete ONE SHOT || SANSKRIT Paper 2 || Fix MCQ || Blueprint
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आयुर्वेद इतिहास: 20 मार्क फिक्स (100 पॉइंट्स)
Key Concepts: पूर्ण वसु, भोर कमेटी, अष्टांग संग्रह, ऋग्वेद, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, सामवेद, जनपद ध्वंस, आयुर्वेद वैज्ञानिक इतिहास, शारंगधर संहिता, काश्यप संहिता, वैद्यराज फार्मेसी, अश्विनी कुमार, सुश्रुत संहिता, बौद्ध धर्म, दवे समिति, फिरंग रोग, अथर्ववेद, यादवजी त्रिकमजी, सर्वांग सुंदरा, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेदा, सुश्रुत संहिता (शल्य प्रधान), यूनिसेफ, धनवंतरी औषधालय, चरक चंद्रिका, मानुषी, हिप्पोक्रेट्स, गणनाथ सेन, त्रिदोष सिद्धांत, वाग्भट, उडुप समिति, चोपड़ा समिति, दवे समिति, पंडित समिति, वाल्मीकि, प्राणाचार्य, गुद स अमृता अष्टांग, मर्म, वेद वागम, नियमना पुष्प वध, लोकमान्य तिलक, अष्टांग संग्रह शशि लेखा टीका, रक्त (चौथा दोष), गद निग्रह, मधु विद्या, रसशाला, भाव मिश्र, उपनिषद, भेल संहिता, आयुष (56, 65, 66, टू), चतुष्टय, आयुर्वेदी भेष संहिता आयोग, गुजरात आयुर्वेद विद्यापीठ, विजय रक्षित, बीएचयू, चम विद्या, बीबी सार राजा, अखिल श्रीलंका आयुर्वेद महासम्मेलन, औषध एव सौंदर्य प्रसाधन विषयक अधिनियम, कामला वैदी, नालंदा विश्वविद्यालय, कृतिका नक्षत्र, सीसीआरएएस, डब्ल्यूएचओ
1. पूर्ण वसु और उनके शिष्य:
- पूर्ण वसु ने छह शिष्यों को ज्ञान दिया। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रश्न पूछा जा सकता है कि किस आचार्य ने छह शिष्यों को ज्ञान दिया।
2. भोर कमेटी:
- भोर कमेटी की स्थापना 1945 में हुई थी। यह तारीख महत्वपूर्ण है।
3. अष्टांग संग्रह:
- अष्टांग संग्रह में 150 अध्याय हैं। अष्टांग हृदय और अष्टांग संग्रह के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
4. अग्निवेश:
- अग्निवेश, आत्रेय परंपरा से हैं।
5. आतंक दर्पण टीका:
- आतंक दर्पण टीका सुश्रुत संहिता में मिलती है।
6. ऋग्वेद:
- ऋग्वेद में पद्मा मेंक शब्दों को रुचा कहते हैं।
7. राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ:
- राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ दिल्ली में स्थित है।
8. सामवेद:
- सप्त स्वरों का वर्णन सामवेद में मिलता है। "स" से "सामवेद" याद रखना है।
9. जनपद ध्वंस:
- जनपद ध्वंस का वर्णन चरक संहिता के विमान स्थान में मिलता है।
10. आयुर्वेद वैज्ञानिक इतिहास:
- आयुर्वेद वैज्ञानिक इतिहास अधिनियम 11 जून 2020 से लागू हुआ। यह तारीख एनसीआईएसएम करिकुलम के लिए महत्वपूर्ण है।
11. शारंगधर संहिता:
- शारंगधर संहिता में सर्वप्रथम नाड़ी परीक्षण का वर्णन है।
12. काश्यप संहिता:
- काश्यप संहिता का दूसरा नाम वृद्ध जीवकीय तंत्र है।
13. वैद्यराज फार्मेसी:
- वैद्यराज फार्मेसी की स्थापना यामिनी भूषण रॉय ने की थी।
14. राजवैद्य पत्रिका:
- राजवैद्य पत्रिका के प्रकाशक शंकर दाजी शास्त्री थे।
15. अश्विनी कुमार:
- अश्विनी कुमार को देवों का वैद्य कहा जाता है।
16. मिश्र संस्कृति:
- मिश्र संस्कृति (इजिप्त) का संबंध नील नदी से है।
17. सुश्रुत संहिता (पाठ शुद्धि):
- सुश्रुत संहिता की पाठ शुद्धि चंद्र ने की।
18. बौद्ध धर्म:
- बौद्ध धर्म का मूल ग्रंथ त्रिपिटक है।
19. दवे समिति:
- दवे समिति की स्थापना 27 अप्रैल 1955 में हुई थी।
20. ऋग्वेद (प्राचीन ग्रंथ):
- ऋग्वेद सबसे प्राचीन ग्रंथ रचना है।
21. फिरंग रोग:
- फिरंग रोग का प्रथम वर्णन भ्रा प्रकाश के संहिता में मिलता है।
22. अथर्ववेद (ज्वर):
- अथर्ववेद में ज्वर को तक्स शब्द दिया गया है।
23. खील स्थान:
- खील स्थान काश्यप संहिता में विशिष्ट है।
24. यादवजी त्रिकमजी (काशी विश्वविद्यालय):
- यादवजी त्रिकमजी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विद्यालय के अध्यक्ष थे।
25. सर्वांग सुंदरा:
- सर्वांग सुंदरा अष्टांग हृदय की टीका है।
26. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेदा:
- नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेदा जयपुर में स्थित है।
27. वेद (जलोदर):
- वेद के अनुसार जलोदर व्याधि वरुण देता का प्रकोप है।
28. सुश्रुत संहिता (शल्य प्रधान):
- सुश्रुत संहिता शल्य प्रधान है।
29. यूनिसेफ:
- यूनिसेफ का मुख्य कार्यालय न्यूयॉर्क में है।
30. धनवंतरी औषधालय:
- धनवंतरी औषधालय की स्थापना स्वामी लक्ष्मीराम ने की थी।
31. चरक चंद्रिका:
- गया दस ने चरक चंद्रिका ग्रंथ की रचना की थी।
32. मानुषी:
- औषध के सहारे चिकित्सा करने को मानुषी कहते हैं।
33. अष्टांग हृदय (सूत्र स्थान):
- अष्टांग हृदय सूत्र स्थान में 30 अध्याय हैं।
34. हिप्पोक्रेट्स:
- हिप्पोक्रेट्स को आधुनिक चिकित्सा का जनक माना जाता है।
35. गणनाथ सेन (प्रत्यक्ष शारीर):
- गणनाथ सेन ने प्रत्यक्ष शारीर शारीर ग्रंथ की रचना की। यह प्रश्न महत्वपूर्ण है।
36. अथर्ववेद (क्रूमी):
- अथर्ववेद में क्रूमी (माइक्रो ऑर्गेनिज्म) का डिटेल वर्णन है।
37. अष्टांग संग्रह (पद्यम):
- अष्टांग संग्रह पद्यम प्रकार की है।
38. खरनाथ संहिता:
- खरनाथ संहिता प्रति संस्करण भ्रष्ट भट्टर हरिश्चंद्र ने की।
39. राष्ट्रीय औषधी वनस्पति महामंडल:
- राष्ट्रीय औषधी वनस्पति महामंडल 24 नवंबर 2000 में बना।
40. ओसाका मेडिकल स्कूल:
- ओसाका मेडिकल स्कूल के द्वारा आयुर्वेद सोसाइटी स्थापना जापान में की गई।
41. प्रमुख पुराण:
- प्रमुख पुराण 18 हैं।
42. वाग्भट (सिंह गुप्त):
- वाग्भट सिंह गुप्त के पुत्र थे।
43. सुश्रुत (शस्त्रक्रिया):
- कर्ण नासा एव खंडित ओष्ठ स्थान यह विशिष्ट शस्त्रक्रिया सुश्रुत ने वर्णन की है।
44. मराठी आयुर्वेद पत्रिका:
- मराठी आयुर्वेद पत्रिका के प्रकाशक पंडित शंकरा दाजी शास्त्री हैं।
45. समितियां (कालक्रम):
- उडुप समिति (1958), दवे समिति (1955), पंडित समिति (1949), चोपड़ा समिति (1946)। यह कालक्रम महत्वपूर्ण है।
46. वाल्मीकि:
- वाल्मीकि ने रामायण ग्रंथ की रचना की।
47. प्राणाचार्य:
- वैद्य के लिए प्राणाचार्य शब्द आचार्य चरक ने प्रयोग किया।
48. सुश्रुत संहिता (भानुमती):
- सुश्रुत संहिता में भानुमती के टीका का चक्र पानी है।
49. गुद स अमृता अष्टांग:
- गुद स अमृता अष्टांग स्म ग्रहो उपदेशम यह ग्रंथ तिब्बत में लोकप्रिय है।
50. आयुर्वेद महाविद्यालय जामनगर:
- आयुर्वेद महाविद्यालय जामनगर के प्रथम आचार्य यादव जी त्रिकम जी थे।
51. मर्म:
- आयुर्वेद में 107 मर्म माने हुए हैं।
52. त्रिदोष सिद्धांत:
- त्रिदोष सिद्धांत का उगम वेद वागम से हुआ है।
53. कथा वंशीय कनिष्ठ:
- कथा वंशीय कनिष्ठ राजा के राजवेद का नाम चरक था।
54. चरक चिंतन:
- चरक चिंतन के लेखक प्रियव्रत हैं।
55. नियमना पुष्प वध:
- नियमना पुष्प वध चिकित्सा का वर्णन बसवराज ने किया।
56. लोकमान्य तिलक (ऋग्वेद काल):
- लोकमान्य तिलक ने ऋग्वेद का काल 4500 बीसी माना है।
57. अष्टांग संग्रह शशि लेखा टीका:
- अष्टांग संग्रह शशि लेखा टीका इंदू ने लिखी है।
58. सुश्रुत (चौथा दोष):
- सुश्रुत ने रक्त को चौथा दोष माना है।
59. गद निग्रह:
- गद निग्रह के लेखक सुडोल ये थे।
60. काश्यप संहिता (मूल नाम):
- काश्यप संहिता का मूल नाम वृद्ध जीवकीय तंत्र है।
61. मधु विद्या:
- मधु विद्या वर्णन बृहदांत्र विद्या में है।
62. शरीर स्थान:
- शरीर स्थान में सुश्रुत संहिता श्रेष्ठ है।
63. रसशाला:
- रसशाला का सर्वप्रथम वर्णन वाग्भट ने किया है।
64. भाव मिश्र:
- 16वें शतक में भाव मिश्र का काल है।
65. चोपड़ा कमिटी (आयुर्वेद संशोधन):
- चोपड़ा कमिटी ने आयुर्वेद संशोधन विभाग की आवश्यकता के बारे में बात की।
66. उपनिषद:
- उपनिषद को वेदांत कहा जाता है।
67. गणनाथ सेन (ग्रंथ):
- गणनाथ सेन के ग्रंथ: प्रत्यक्ष शारीर, सिद्धांत निदानम, शारीर परिभाषा, प्रत्यक्ष शारीर परिशिष्ट।
68. भेल संहिता (जनमा):
- भेल संहिता में जनो जनो ध्वस्त व्याधि को जनमा कहा गया है (एपिडेमिक डिसऑर्डर)।
69. आयुष (56, 65, 66, टू):
- आयुष 56: अपस्मार
- आयुष 65: मलेरिया
- आयुष 66: ऑइल सिरोसिस
- आयुष टू: मधुमेह
70. अथर्ववेद (वनस्पति):
- अथर्ववेद में 286 वनस्पतियों का उल्लेख है।
71. चरक (चतुष्टय):
- चरक ने चतुष्टय का उपयोग सूत्र स्थान में किया है।
72. आयुर्वेदी भेष संहिता आयोग:
- आयुर्वेदी भेष संहिता आयोग के प्रथम अध्याय प्रोफेसर एस एस हड्डा थे।
73. उडुब समिति:
- उडुप समिति की स्थापना 1958 साल में हुई थी।
74. गुजरात आयुर्वेद विद्यापीठ:
- गुजरात आयुर्वेद विद्यापीठ जामनगर में है।
75. वेद (आध्यात्मिक ज्ञान):
- वेद में आध्यात्मिक ज्ञान स्पष्टीकरण उपनिषदों में मिलता है।
76. समुद्र मंथन:
- अमृत प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया गया।
77. विजय रक्षित:
- विजय रक्षित मधुकोश टीका के रचनाकार हैं।
78. नेपाल:
- नेपाल जग में एकमेव हिंदू राष्ट्र है।
79. पंडित मदन मोहन मालवीय:
- पंडित मदन मोहन मालवीय ने बीएचयू की स्थापना की।
80. चम विद्या:
- चम विद्या का उल्लेख सामवेद में है।
81. बीबी सार राजा:
- बीबी सार राजा का भगंदर निरह जीव ने किया।
82. अखिल श्रीलंका आयुर्वेद महासम्मेलन:
- 1928 में अखिल श्रीलंका आयुर्वेद महासम्मेलन स्थापना हुई थी।
83. पंडित शंकर दासजी शास्त्री (ग्रंथ):
- पंडित शंकर दासजी शास्त्री ने 75 ग्रंथों की रचना की।
84. औषध एव सौंदर्य प्रसाधन विषयक अधिनियम:
- औषध एव सौंदर्य प्रसाधन विषयक अधिनियम 1940 में आया था।
85. वेद (कामला वैदी):
- वेद में कामला वैदी को हरि मां बोला गया है।
86. ब्रह्मा:
- ब्रह्मा ने जीव अजीव सृष्टि की निर्मिति की है।
87. चोपड़ा कमिति (अभ्यासक्रम):
- संपूर्ण भारत में समान अभ्यासक्रम चोपड़ा कमिति ने प्रस्तुत किया।
88. अलाउद्दीन खिलजी:
- अलाउद्दीन खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय का विनाश किया।
89. वैद्यराज फार्मेसी (कोलकाता):
- वैद्यराज फार्मेसी कोलकाता में है और इसकी स्थापना कविराज यामिनी भूषण रॉय ने की थी।
90. लोकमान्य तिलक (वेदों का काल):
- लोकमान्य तिलक ने कृतिका नक्षत्र के आधार पर वेदों का काल बताया था।
91. भास्कर:
- भास्कर ने पूषण के टूटे हुए दंत संधान करने का कार्य किया।
92. सीसीआरएएस:
- आयुर्वेद संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार ने सीसीआरएएस की स्थापना की।
93. सुश्रुत संहिता (निबंध ग्रह):
- सुश्रुत संहिता निबंध ग्रह की रचना डल ने की थी।
94. डब्ल्यूएचओ:
- डब्ल्यूएचओ 7 अप्रैल 1928 में की गई थी।
Synthesis/Conclusion:
यह वीडियो आयुर्वेद इतिहास के 100 महत्वपूर्ण बिंदुओं का संकलन है, जो बीएएमएस परीक्षा में 20 अंकों के एमसीक्यू प्रश्नों को कवर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें विभिन्न आचार्यों, समितियों, ग्रंथों, स्थानों, तिथियों और महत्वपूर्ण अवधारणाओं को शामिल किया गया है। वीडियो में दिए गए प्रत्येक बिंदु को याद रखने और समझने पर जोर दिया गया है ताकि परीक्षा में सफलता सुनिश्चित की जा सके। यह सामग्री नीट परीक्षा के लिए एनसीईआरटी की तैयारी के समान है, जिसमें प्रत्येक विवरण महत्वपूर्ण है।
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