कीगल एक्सरसाइज कैसे करे | Kegel Exercises How to Do (Hindi)
By Dr Vijayant Govinda Gupta
मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts)
- केगेल व्यायाम (Kegel Exercise): पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ने और ढीला करने का व्यायाम, विशेष रूप से गुदाद्वार के आसपास की मांसपेशियों पर केंद्रित।
- पेल्विक फ्लोर मांसपेशी प्रशिक्षण (Pelvic Floor Muscles Training - PFMT): पेल्विक फ्लोर की सभी मांसपेशियों को मजबूत करने और प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किए गए व्यायामों का एक व्यापक सेट, जिसमें केगेल व्यायाम भी शामिल है।
- सेक्सरसाइज (Sexercise): PFMT का एक उन्नत संस्करण, जिसमें पेल्विक फ्लोर के साथ-साथ पेट (कोर), कमर, ग्लूट्स और अन्य संबंधित मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने वाले व्यायाम शामिल हैं, जो समग्र यौन स्वास्थ्य और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं।
- पेल्विक फ्लोर (Pelvic Floor): कूल्हे की हड्डी के अंदर स्थित मांसपेशियों का एक समूह जो मूत्राशय, प्रोस्टेट, लिंग और मलाशय जैसे आंतरिक अंगों को सहारा देता है और उनके कार्यों को नियंत्रित करता है।
- लॉन्ग होल्ड (Long Hold): केगेल मांसपेशी को लंबे समय तक (जैसे 5-30 सेकंड) सिकोड़कर रखना।
- क्विक फ्लिक्स (Quick Flicks): केगेल मांसपेशी को तेजी से सिकोड़ना और तुरंत ढीला करना।
- इरेक्टाइल डिसफंक्शन (Erectile Dysfunction - ED): लिंग में तनाव की कमी।
- शीघ्रपतन (Premature Ejaculation): समय से पहले वीर्यपतन।
केगेल व्यायाम क्या है?
केगेल व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए व्यायाम हैं। ये मांसपेशियां हमारे शरीर के निचले हिस्से में स्थित होती हैं और मूत्राशय, प्रोस्टेट, लिंग और मलाशय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को सहारा देती हैं। इन मांसपेशियों को सिकोड़ने और ढीला करने से उनकी ताकत और कार्यक्षमता बढ़ती है।
पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां और उनका महत्व
पेल्विक फ्लोर मांसपेशियां कूल्हे की हड्डी के अंदरूनी हिस्से को कवर करती हैं। इनमें मूत्रमार्ग, लिंग और गुदाद्वार के लिए छेद होते हैं। यदि इन मांसपेशियों में कमजोरी आती है, तो इनसे गुजरने वाली धमनियां, नसें और तंत्रिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। पेल्विक फ्लोर को मजबूत करने के लिए किए जाने वाले व्यायामों को सामूहिक रूप से "पेल्विक फ्लोर मांसपेशी प्रशिक्षण" (PFMT) कहा जाता है, और केगेल व्यायाम इसका सबसे लोकप्रिय हिस्सा है।
केगेल व्यायाम का इतिहास और विकास
केगेल व्यायाम को पहली बार 1948 में डॉ. केगेल द्वारा विकसित किया गया था। उन्होंने इसे उन महिलाओं के लिए बनाया था जिन्हें बच्चे को जन्म देने के बाद पेशाब में रिसाव (लीकेज) की समस्या होती थी। डॉ. केगेल का निधन 1972 में हो गया, लेकिन यह व्यायाम उनके नाम से जुड़ा रहा। पिछले 20 वर्षों में, शोध से पता चला है कि पुरुषों के लिए भी केगेल व्यायाम के कई लाभ हैं। यह प्रोस्टेट को स्वस्थ रखने, यौन शक्ति में सुधार करने, लिंग में रक्त की आपूर्ति बढ़ाने और मूत्र नियंत्रण में मदद करता है।
केगेल व्यायाम, PFMT और सेक्सरसाइज के बीच संबंध
- केगेल व्यायाम: यह पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों, विशेष रूप से गुदाद्वार के आसपास की मांसपेशियों को सिकोड़ने और ढीला करने पर केंद्रित है। यह PFMT का एक विशिष्ट घटक है।
- पेल्विक फ्लोर मांसपेशी प्रशिक्षण (PFMT): यह पेल्विक फ्लोर की सभी मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने के लिए व्यायामों का एक व्यापक समूह है। इसे मशीनों की सहायता से या स्वयं भी किया जा सकता है।
- सेक्सरसाइज (Sexercise): यह PFMT का एक उन्नत और व्यापक संस्करण है। इसमें पेट (कोर), कमर, ग्लूट्स और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को प्रशिक्षित करने वाले सभी व्यायाम शामिल हैं। इसमें संकुचन (contraction) व्यायाम, स्ट्रेचिंग व्यायाम और कार्डियो भी शामिल हो सकते हैं। इसका उद्देश्य समग्र शारीरिक और यौन स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
केगेल मांसपेशियों की पहचान कैसे करें
केगेल व्यायाम शुरू करने से पहले सही मांसपेशियों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।
- डॉक्टर की सहायता से: एक डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट गुदाद्वार में उंगली डालकर आपको मांसपेशियों को सिकोड़ने के लिए कह सकता है, जिससे आप सही मांसपेशी को महसूस कर सकें।
- स्वयं पहचान के तरीके:
- पेशाब रोककर: बाथरूम में पेशाब करते समय, पेशाब की धार को रोकने की कोशिश करें। जिस मांसपेशी का उपयोग आप धार को रोकने के लिए करते हैं, वही केगेल मांसपेशी है। यह विधि केवल पहचान के लिए है, इसे बार-बार नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हानिकारक हो सकता है।
- लिंग को कसकर: जब लिंग तनाव में हो, तो उसे ऊपर की ओर उठाने या कसने की कोशिश करें। जिस मांसपेशी का उपयोग आप इस क्रिया के लिए करते हैं, वह भी केगेल मांसपेशी है।
- अंडकोष के नीचे महसूस करके: लेटकर, अंडकोष (scrotum) के नीचे उंगली रखें और अंदर की मांसपेशियों को सिकोड़ें। आपको एक कठोर मांसपेशी महसूस होगी, जो आपकी केगेल मांसपेशी है।
महत्वपूर्ण नोट: मांसपेशियों की पहचान करते समय, कूल्हों, जांघों या पेट की मांसपेशियों को कसने से बचें। केवल पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर ध्यान केंद्रित करें।
केगेल व्यायाम कैसे करें
एक बार जब आप केगेल मांसपेशियों की पहचान कर लेते हैं, तो आप व्यायाम शुरू कर सकते हैं:
- आरामदायक स्थिति: किसी आरामदायक स्थिति में बैठें (जैसे लेटकर, पालथी मारकर या कुर्सी पर बैठकर)।
- शरीर को ढीला करें: अपने शरीर की सभी मांसपेशियों को ढीला करें।
- गहरी सांस लें: एक लंबी गहरी सांस लें।
- मांसपेशी को सिकोड़ें और रोकें: अपनी केगेल मांसपेशी को सिकोड़ें और उसे कुछ सेकंड के लिए रोककर रखें।
केगेल व्यायाम के दो मुख्य प्रकार हैं:
-
लॉन्ग होल्ड (Long Hold):
- मांसपेशी को कसकर सिकोड़ें और उसे रोककर रखें।
- शुरुआत में 5 सेकंड के लिए रोकें, फिर धीरे-धीरे 10, 15 सेकंड तक बढ़ाएं।
- लक्ष्य 30 सेकंड से 1 मिनट तक मांसपेशी को रोककर रखना है।
- रोकने के बाद, मांसपेशी को पूरी तरह से ढीला करें।
- लाभ: यह मांसपेशियों को मजबूत करता है, लिंग में रक्त प्रवाह और कठोरता में सुधार करता है।
-
क्विक फ्लिक्स (Quick Flicks):
- मांसपेशी को तेजी से सिकोड़ें और तुरंत ढीला करें।
- यह क्रिया कुछ क्षणों के लिए की जाती है।
- लाभ: यह आंतरिक नसों को पोषण देता है और शीघ्रपतन तथा मूत्र रिसाव जैसी समस्याओं में मदद करता है।
अभ्यास की आवृत्ति और अवधि
- आवृत्ति: इन व्यायामों को दिन में 3 से 4 बार करें।
- प्रत्येक सत्र: प्रत्येक सत्र में कम से कम 5 लॉन्ग होल्ड और कम से कम 10 क्विक फ्लिक्स करें।
- प्रगति:
- लॉन्ग होल्ड: 5 सेकंड से शुरू करें और धीरे-धीरे 30 सेकंड तक बढ़ाएं।
- क्विक फ्लिक्स: 10 बार से शुरू करें और धीरे-धीरे 30 बार तक बढ़ाएं।
- कुल समय: यदि आप दिन में 5-5 मिनट के तीन सत्रों में अभ्यास करते हैं, तो आपको लिंग में तनाव, मूत्र नियंत्रण और रक्त की आपूर्ति में समय के साथ लाभ मिलेगा।
पेशेवर सहायता और मशीनें
यदि आपको केगेल व्यायाम को सही ढंग से सीखने में कठिनाई होती है, तो फिजियोथेरेपिस्ट आपकी मदद कर सकते हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन वाले मरीजों के लिए पेशेवर प्रशिक्षण के विकल्प उपलब्ध हैं। जो मरीज स्वयं व्यायाम नहीं कर सकते, उनके लिए मशीनें भी उपलब्ध हैं जो पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को कसने में मदद करती हैं। इन मशीनों का उपयोग करके मरीज हर हफ्ते या 10 दिन में प्रशिक्षण ले सकते हैं, जिससे उन्हें काफी लाभ मिलता है।
निष्कर्ष
केगेल व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत करने का एक प्रभावी तरीका है, जिसके पुरुषों के लिए यौन स्वास्थ्य, प्रोस्टेट स्वास्थ्य और मूत्र नियंत्रण में महत्वपूर्ण लाभ हैं। यह पेल्विक फ्लोर मांसपेशी प्रशिक्षण (PFMT) का एक मूलभूत हिस्सा है, जो आगे चलकर सेक्सरसाइज जैसे व्यापक शारीरिक प्रशिक्षण का आधार बनता है। सही मांसपेशियों की पहचान, उचित तकनीक और नियमित अभ्यास इन व्यायामों से अधिकतम लाभ प्राप्त करने की कुंजी है। यदि आवश्यक हो, तो पेशेवर मार्गदर्शन या मशीनी सहायता भी ली जा सकती है।
Chat with this Video
AI-PoweredHi! I can answer questions about this video "कीगल एक्सरसाइज कैसे करे | Kegel Exercises How to Do (Hindi)". What would you like to know?